खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज को पद से हटाने के लिए चारित्रिक हनन सम्बन्धी निराधार आरोप

रामानुजगंज : सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामानुजगंज में इन दिनों अलग तरह का माहौल निर्मित हो गया है। एक ओर जहां पिछले वर्ष से अस्पताल में मरीजों के खान-पान से लेकर साफ सफाई, डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों के निर्धारित समय के अनुसार अपने कार्य पर उपस्थिति हो रहे है तो दूसरी ओर अस्पताल में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को उक्त बदलाव गले नहीं उतर रहा है। क्योंकि अन्य लोगों के साथ उन्हें भी समय पर उपस्थित होने के साथ अन्य होने वाले आय का स्रोत बंद होने की खबर है। बीएमओ डॉ हेमंत दीक्षित ने पूर्व की सारी व्यवस्था बदलकर सब अपने अनुसार मरीजों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करने लगे। इसी कारण यहां कार्यरत कुछ कर्मचारियों के द्वारा इसी ब्लॉक अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों से मिलकर खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज को पद से हटाने के लिए चारित्रिक हनन सम्बन्धी निराधार आरोप लगाकर हड़ताल भी चालू कर दिये थे जो हड़ताल के प्रथम दिवस ही जांचदल गठित होने से समाप्त कर दिया गया था। उक्त आरोप कर्मचारी नेता सुनील गुप्ता स्वास्थ्य कार्यकर्ता रामचन्द्रपुर के आरएचओ संघ का ब्लॉक अध्यक्ष अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ हेमंत दीक्षित के सख्त कार्यवाही से कर्मचारी परेशान हैं जो शासन द्वारा निर्धारित दायित्वों के निर्वहन नही करते हैं तथा स्वेच्छाचारी हैं। कर्मचारियों के ऐसे ही एक वर्ग द्वारा खण्ड चिकित्सा अधिकारी को पद से हटवाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाने का कार्य कर रहे हैं । इसी कड़ी में संघ के लेटर पैड का उपयोग करते हुए विभिन्न स्थानों पर पत्र प्रेषित कर खण्ड चिकित्सा अधिकारी को हटाने की माँग की गई है माँग न माने जाने पर आंदोलन की धमकी दी गई है। संबंधित के माध्यम से बीएमओ पर चारित्रिक आरोप लगाया गया है। जिस महिला के नाम से आरोप लगाया गया है वह महिला स्वयं कलेक्टर के कार्यालय में उपस्थित होकर इस आशय का ज्ञापन सौपा की सुनील गुप्ता एवं विवेकानंद गुप्ता स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिनांक 10 नवम्बर 2024 को रात में मेरे घर आये थे तथा बीएमओ पर झूठा आरोप लगाने के लिए दबाव बनाते रहे एवं तरह तरह का लालच भी देते रहे । कलेक्टर को दिए गए लिखित आवेदन में कहां है कि इस बात से मैं बहुत डरी हुई हूँ तथा मानसिक रूप से परेशान हूँ । महिला के द्वारा अपने आवेदन में उल्लेख किया गया है कि एक वर्ष पूर्व भी किसी ने साजिश करते हुए मेरा फर्जी हस्ताक्षर करके एक शिकायत पत्र कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया था जिसमे इसी प्रकार का आरोप लगाया गया था। बाद में जाँच समिति के द्वारा मुझे बुलाये जाने पर मुझे ज्ञात हुआ और मेरे द्वारा इसका खंडन किया गया। यह सारी साजिश एक मात्र खंड चिकित्सा अधिकारी को हटाने के लिए की जा रही है। कलेक्टर बलरामपुर को दिये गए आवेदन में उक्त महिला ने स्वास्थ कार्यकर्ता रामचन्द्रपुर एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरानडीह के विरुद्ध कार्यवाही की माँग की है जिससे संबंधित को न्याय मिल सके और अन्य के लिए मिशाल बन सके ताकि भविष्य में कोई किसी गरीब आदिवासी महिला का अपना स्वार्थ साधने के लिए इस्तेमाल न कर सके.