सफाई के अभाव में कलेक्टर कार्यालय का बाथरूम बना कचरे का ढेर, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। जहां एक ओर सरकार और प्रशासन स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय में ही स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुलती दिखाई दे रही है।

कलेक्टर कार्यालय परिसर में बने शौचालयों की हालत इन दिनों बदतर बनी हुई है। शौचालय परिसर में प्रवेश करते ही चारों ओर फैली गंदगी और तेज बदबू के कारण लोगों का कुछ देर तक खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। बाथरूम के अंदर कचरे का ढेर जमा हुआ है और दीवारों व फर्श पर भी लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं।

तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। कई जगहों पर कचरा पड़ा हुआ है और पानी की निकासी व्यवस्था भी ठीक नहीं दिख रही, जिससे गंदगी और बदबू लगातार बनी हुई है। यह वही स्थान है जहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से आए आम नागरिक अपने विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए पहुंचते हैं।
कलेक्टर कार्यालय जिले का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र माना जाता है, जहां से पूरे जिले की व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन होता है। ऐसे में इसी कार्यालय परिसर में स्वच्छता की इतनी खराब स्थिति होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
आने वाले नागरिकों का कहना है कि जब जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यालय में ही शौचालयों की यह हालत है, तो अन्य शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर कितना गंभीरता से संज्ञान लेते हैं और कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।