जलती आग बुझाने वाला कोई नहीं रेंजर सिपाही मौन काल उठाना उचित नहीं समझा सुरजपुर घुर्ड रेंज की मामला
सिपाही व रेंजर को मोबाईल से सुचना देना क्या गुनाह है। काल उठाना नही चाहते

सुरजपुर जिले के वन परिक्षेत्र घुई क्षेत्रांगत कटई नाला जंगल मे भयानक रूप से आग लगने पर जंगल के छोटे छोटे पौधे जल कर खाख हो गए जंगल देखते देखते ही हवा की रुख मे तेजी से जलता रहा जलते जंगल को देख कर घुई रेंज बींट रेवटी सिपाही को काल किया गया पर काल उठाना नशीब नही समझा सिर्फ मोबाईल फोन रखने के लिए लिया गया है। जंगल से लकड़ी काट कर सायकल से और बाईक से लाया जा रहा है रोक लगाना तो दूर झांकना भी नहीं हैं आग क्या बीताऐगे सिपाही साहब क्यो कि शासन से बेतन मिल ही रहा हैं । तो क्यो बीताएगे आग चाहे जंगल जले या बचें इनको तो नौकरी करना है यहाँ नही दुसरे जगहो पर ही सही दूसरे ओर घुई रेंजर को काल करने पर रेंज अधिकारी होने पर गर्व है। तो कैसे उठाएगे काल , यदि रेंजर साहल काल आने के दौरान मिटींग मे है साहब तो बाद मे भी काल लगाकर जानकारी ले सकते है। पर इनको भी जंगल जलें लकड़ी कटें क्या मतलब है जंगल से अपने कुर्सी मे जमें है। आग जलते देख वाड्रफनगर की टीम को बीताना पड़ रहा है । जंगल क्या ऐसे होना चाहिए सिपाही और रेंजर की काल उठाना नसीब नही समझते हैं