छत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

सास-बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन और आयुर्वेदिक जीवनशैली का दिया गया संदेश, महिलाओं को किया सम्मानित

40 जोड़े महिलाओं को श्रृंगार समान देकर सम्मालित

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बलरामपुर राज्य सरकार के निर्देशानुसार विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा (11 जुलाई से 18 जुलाई) के अंतर्गत सेक्टर बसंतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरकोल में शनिवार को सास-बहू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बलरामपुर के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना तथा स्वस्थ परिवार की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

IMG-20260718-WA0902-300x225 सास-बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन और आयुर्वेदिक जीवनशैली का दिया गया संदेश, महिलाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान ग्राम बसंतपुर में व्यापक प्रचार-प्रसार कर लगभग 40 सास-बहू जोड़ों को सम्मेलन में आमंत्रित किया गया। उपस्थित महिलाओं को बदलते जनसंख्या परिदृश्य, छोटे परिवार के महत्व और परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सेक्टर प्रभारी एम.पी. त्रिपाठी ने बताया कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता तथा परिवार के बेहतर भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी जैसे स्थायी उपायों के साथ-साथ छाया गोली, कॉपर-टी, निरोध, अंतरा इंजेक्शन सहित अन्य अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों की उपयोगिता और उपलब्धता की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
IMG_20260718_223456-300x169 सास-बहू सम्मेलन में परिवार नियोजन और आयुर्वेदिक जीवनशैली का दिया गया संदेश, महिलाओं को किया सम्मानित
इस अवसर पर डॉ. त्रिपाठी ने आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली पर भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दिनचर्या और ऋतुचर्या का पालन करने, नियमित व्यायाम करने, समय पर भोजन एवं पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए अत्यधिक चीनी, सफेद चावल और अन्य परिष्कृत खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करना चाहिए तथा विशेष रूप से रात में दही खाने से बचने की सलाह दी। आयुर्वेदिक औषधियों के उचित उपयोग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से अनेक बीमारियों से बचाव संभव है।
सम्मेलन के दौरान सास और बहुओं के बीच पारिवारिक समन्वय, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा परिवार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को श्रृंगार सामग्री एवं उपयोगी उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर दिनेश यादव, सीएचओ राजमती सिंह, पार्वती कनौजिया, एएनएम भीमली, ललिता मरावी, सुशील यादव सहित सेक्टर के एमटी, स्वास्थ्य कर्मचारी, एएनएम, मितानिन एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। महिलाओं की सहभागिता बढ़ने से सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ परिवार और संतुलित जनसंख्या के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों से परिवार नियोजन के संदेश को अपने गांव और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।

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