बलरामपुर पुलिस एवं एसटीएफ भुवनेश्वर (ओडिशा) की संयुक्त एंड-टू-एंड कार्रवाई, 16 करोड़ रुपये के गांजा तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़
o width=”848″ height=”478″ mp4=”https://narayannews.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260716-WA0536.mp4″][/video]
बलरामपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बलरामपुर पुलिस एवं एसटीएफ भुवनेश्वर (ओडिशा) की संयुक्त एंड-टू-एंड विवेचना के दौरान

अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तस्करी में शामिल ओडिशा के चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस की इस कार्रवाई से गांजा तस्करी के संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस के अनुसार थाना बसंतपुर में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में कुल 3139.570 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है, बरामद किया गया था। दोनों मामलों में लगातार एंड-टू-एंड विवेचना करते हुए पुलिस ने तस्करी की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पहले मामले में 1198 किलो गांजा हुआ था जब्त
पुलिस ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को थाना बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक से 1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। तस्करों ने गांजे को नारियल की भूसी के भीतर छिपाकर ओडिशा से राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था तथा ट्रक को जब्त कर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 228/2025 के तहत धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था।
दूसरे मामले में 1941 किलो गांजा पकड़ा गया
इसके बाद 11 जून 2026 को थाना बसंतपुर पुलिस ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई करते हुए टाटा ट्रक क्रमांक RJ-14 GU-9078 से 1941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया। बरामद गांजे की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई। इस मामले में उत्तर प्रदेश निवासी लोकेश शर्मा एवं आमीश अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। ट्रक सहित करीब 10.50 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त कर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 93/2026 धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

जीपीएस और मोबाइल एप से खुली तस्करी की परतें
दोनों मामलों की संयुक्त विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ट्रकों में लगे जीपीएस सिस्टम और मोबाइल एप के माध्यम से पूरे परिवहन की निगरानी की जाती थी। ट्रकों को ओडिशा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास खड़ा कर वहां से अन्य तस्करों के सहयोग से भारी मात्रा में गांजा लोड किया जाता था। इसके बाद खेप को विभिन्न राज्यों तक भेजा जाता था।

ओडिशा एसटीएफ की कार्रवाई से मिले अहम सुराग
इसी दौरान 24 जून 2026 को एसटीएफ भुवनेश्वर (ओडिशा) ने कंधमाल जिले के आरोपी निलाम्बर कंहार के कब्जे से 191.300 किलोग्राम गांजा बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में निलाम्बर कंहार ने बताया कि बसंतपुर के दोनों मामलों में ओडिशा के चार आरोपी मिलकर ट्रकों में गांजा लोड कराते थे।
इस खुलासे के बाद बलरामपुर पुलिस ने एंड-टू-एंड विवेचना को आगे बढ़ाते हुए न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया तथा आरोपियों से पूछताछ और पहचान परेड कराई। इस दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा एवं आमीश अंसारी ने चारों आरोपियों की पहचान करते हुए बताया कि इन्हीं लोगों ने ट्रकों में गांजा लोड कराया था। पूछताछ में चारों आरोपियों ने भी अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
गिरफ्तार आरोपी
दुर्वाशा साहु (46 वर्ष), निवासी टिकरापाड़ा, थाना कंटामाल, जिला बौध, ओडिशा।
सुबुधी साहु (40 वर्ष), निवासी बड़छापपली, थाना कंटामाल, जिला बौध, ओडिशा।
अरुण कुमार राना (34 वर्ष), निवासी टिकरापाड़ा, थाना कंटामाल, जिला बौध, ओडिशा।
प्रकाश खदुआ (35 वर्ष), निवासी बड़छापपली, थाना कंटामाल, जिला बौध, ओडिशा।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने कहा कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री एवं परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अंतरराज्यीय नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ एंड-टू-एंड कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।