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वाड्रफनगर में बिना निर्माण और एक्सपायरी डेट के बिक रही ‘शारदा ब्रेड’, ग्रामीणों ने लगाया सेहत से खिलवाड़ का आरोप

IMG_20260806_163544-203x300 वाड्रफनगर में बिना निर्माण और एक्सपायरी डेट के बिक रही ‘शारदा ब्रेड’, ग्रामीणों ने लगाया सेहत से खिलवाड़ का आरोप

पैकेट में बंद शारदा ब्रेड के पैकेट पर न निर्माण तिथि, न एक्सपायरी डेट; ग्रामीणों ने खाद्य विभाग से जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

वाड्रफनगर/बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड क्षेत्र में ‘शारदा ब्रेड’ के पैकेट पर निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि स्पष्ट रूप से अंकित नहीं होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की कई दुकानों में शारदा ब्रेड के पैकेट बेचे जा रहे हैं, जिन पर न तो ब्रेड के निर्माण की तारीख दिखाई दे रही है और न ही एक्सपायरी अथवा उपयोग की अंतिम तिथि स्पष्ट है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को यह पता ही नहीं चल पा रहा कि ब्रेड कब तैयार किया गया और वह कब तक खाने योग्य है। लोगों ने इसे खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच की मांग की है।

IMG_20260806_163530-300x257 वाड्रफनगर में बिना निर्माण और एक्सपायरी डेट के बिक रही ‘शारदा ब्रेड’, ग्रामीणों ने लगाया सेहत से खिलवाड़ का आरोप

 

पैकेट देखकर नहीं पता चलता कब बना ब्रेड

ग्रामीणों के मुताबिक गोला मीठा ब्रेड के गोला कार डब्डा मे पैक मिठा ब्रेड वाले पैकेट बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। आरोप है कि पैकेट पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि स्पष्ट नहीं होने के कारण खरीदार ब्रेड की वास्तविक अवधि का अंदाजा नहीं लगा सकते।

IMG_20260806_163527-300x257 वाड्रफनगर में बिना निर्माण और एक्सपायरी डेट के बिक रही ‘शारदा ब्रेड’, ग्रामीणों ने लगाया सेहत से खिलवाड़ का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक शारदा ब्रेड के गोला कार डब्डा मे पैक मिठा ब्रेड वाले पैकेट बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। आरोप है कि पैकेट पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि स्पष्ट नहीं होने के कारण खरीदार ब्रेड की वास्तविक अवधि का अंदाजा नहीं लगा सकते।

लोगों का कहना है कि ब्रेड जैसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता समय और भंडारण की परिस्थितियों से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पैकेट पर जरूरी जानकारी स्पष्ट नहीं होना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है।

गांवों की दुकानों तक सुबह पहुंच रही ‘गोला मीठा ब्रेड’

स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों की छोटी-बड़ी दुकानों में सुबह-सुबह गोला मीठा ब्रेड की सप्लाई पहुंचती है। कम कीमत होने के कारण ग्रामीण और बच्चे भी इसे बड़ी संख्या में खरीदते हैं। कई उपभोक्ता पैकेट पर दी गई जानकारी की जांच किए बिना ही ब्रेड खरीदकर इस्तेमाल कर लेते हैं।

गांवों की दुकानों तक सुबह पहुंच रही ‘शारदा ब्रेड’

स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों की छोटी-बड़ी दुकानों में सुबह-सुबह शारदा ब्रेड की सप्लाई पहुंचती है। कम कीमत होने के कारण ग्रामीण और बच्चे भी इसे बड़ी संख्या में खरीदते हैं। कई उपभोक्ता पैकेट पर दी गई जानकारी की जांच किए बिना ही ब्रेड खरीदकर इस्तेमाल कर लेते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब पैकेट पर ही निर्माण और एक्सपायरी से संबंधित जानकारी स्पष्ट नहीं होगी तो उपभोक्ता यह कैसे तय करेगा कि उसे दिया जा रहा ब्रेड ताजा है या पुराना।

पुराने या बासी ब्रेड की बिक्री की आशंका जता रहे ग्रामीण

मामले को लेकर ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि निर्माण और समाप्ति तिथि स्पष्ट नहीं होने की स्थिति में पुराने अथवा बासी ब्रेड की बिक्री की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि ऐसी किसी बिक्री की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ग्रामीणों ने इसी आशंका को देखते हुए खाद्य विभाग से जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जांच में ब्रेड के निर्माण स्थल, पैकेजिंग, सप्लायर, दुकानदार और सप्लाई व्यवस्था की पड़ताल की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर उठे सवाल

गोला मीठा ब्रेड के पैकेट पर जरूरी जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के आरोप के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य सामग्री खरीदने वाले व्यक्ति को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उत्पाद कब बनाया गया और कितने समय तक उपयोग योग्य है।

शारदा ब्रेड के पैकेट पर जरूरी जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के आरोप के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य सामग्री खरीदने वाले व्यक्ति को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उत्पाद कब बनाया गया और कितने समय तक उपयोग योग्य है।

इसके साथ ही पैकेट पर निर्माता और उत्पाद से संबंधित आवश्यक विवरण स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग संबंधित पैकेटों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि उनकी पैकेजिंग नियमानुसार है या नहीं।

सरगुजा संभाग के अन्य इलाकों में भी सप्लाई का दावा

जानकारी के अनुसार गोला मीठा ब्रेड की सप्लाई केवल वाड्रफनगर क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि सरगुजा संभाग के अन्य इलाकों में भी होने की बात कही जा रही है। ऐसे में यदि पैकेजिंग या लेबलिंग में किसी प्रकार की अनियमितता जांच में सामने आती है तो मामला बड़े स्तर का हो सकता है।

जानकारी के अनुसार शारदा ब्रेड की सप्लाई केवल वाड्रफनगर क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि सरगुजा संभाग के अन्य इलाकों में भी होने की बात कही जा रही है। ऐसे में यदि पैकेजिंग या लेबलिंग में किसी प्रकार की अनियमितता जांच में सामने आती है तो मामला बड़े स्तर का हो सकता है।

कुछ दुकानदारों का कहना है कि उन्हें भी पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी से संबंधित जानकारी स्पष्ट नहीं होने की ओर पहले ध्यान नहीं गया था। दुकानदार सप्लायर से माल लेकर ग्राहकों को बेच देते हैं।

खाद्य विभाग से बाजार और सप्लाई चैन की जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से वाड्रफनगर सहित आसपास के बाजारों में जांच अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दुकानों में उपलब्ध गोला मीठा ब्रेड के पैकेटों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जाए कि उत्पाद कहां तैयार हो रहा है, किस सप्लायर के माध्यम से बाजार तक पहुंच रहा है और पैकेजिंग एवं लेबलिंग में निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से वाड्रफनगर सहित आसपास के बाजारों में जांच अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दुकानों में उपलब्ध शारदा ब्रेड के पैकेटों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जाए कि उत्पाद कहां तैयार हो रहा है, किस सप्लायर के माध्यम से बाजार तक पहुंच रहा है और पैकेजिंग एवं लेबलिंग में निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ऐसे उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

मामला सामने आने के बाद अब नजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन पर है। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य सामग्री सीधे आम लोगों और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेकर तत्काल जांच की जानी चाहिए।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ‘गोला मीठा ब्रेड’ के पैकेट और उसकी सप्लाई व्यवस्था की जांच कब करता है और जांच में यदि नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ‘शारदा ब्रेड’ के पैकेट और उसकी सप्लाई व्यवस्था की जांच कब करता है और जांच में यदि नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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