छत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

बलरामपुर में हाथी ने पति-पत्नी पर किया हमला, इलाज के दौरान पत्नी की मौत

IMG-20250401-WA0292-135x300 बलरामपुर में हाथी ने पति-पत्नी पर किया हमला, इलाज के दौरान पत्नी की मौत

विकाश दुबे / IMG-20250401-WA0291-300x167 बलरामपुर में हाथी ने पति-पत्नी पर किया हमला, इलाज के दौरान पत्नी की मौतरामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज अंतर्गत ग्राम फुलवार के छतवा सर्किल में हाथी के हमले से दोनों पति पत्नी घायल हो गए थे। गेहूं की फसल काटने के दौरान हाथी ने हमला कर दिया था। जिसमें हाथी ने महिला के एक झटके में हाथ को उखाड़ डाला। जबकि पति की कमर में चोट आई है। वन विभाग के द्वारा दोनों को रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई है।

वन विभाग के द्वारा इलाज के लिए 50 हजार रुपये की तत्कालीन सहायता राशि मुहैया कराई गई है।

रामानुजगंज वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार बीते शाम को रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज के छतवा सर्किल के ग्राम फुलवार में गेहूं की फसल काटने के दौरान शाम करीब 6.30 से 7 बजे के बीच हाथी ने अस्मीना बीबी और उस्मान अहमद के ऊपर हमला कर दिया। जिसमें दोनों पति-पत्नी घायल हो गए। हमले में उस्मान के कमर में चोट आई है। जबकि अस्मीना बीबी के हाथ को गजराज ने एक झटके में उखाड़ डाला है। सूचना पर पहुंची वन विभाग ने दोनों को आनन-फानन में रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई है।

वहीं वन विभाग के द्वारा इलाज के लिए 50 हजार रुपये तत्कालीन सहयोग राशि मुहैया कराई गई है।

डिप्टी रेंजर विजय सिंह ने बताया कि उस्मान अहमद और उनकी पत्नी दोनों अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहे थे। इसी दौरान हाथी के हमले से दोनों बुरी तरह से घायल हो गए है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। 50 हजार रुपये की तत्कालीन सहायता राशि वन विभाग की ओर से इलाज के लिए मुहैया कराई गई है। हाथी विचरण के संबंध वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लगातार प्रचार प्रसार किया जा रहा था।

आगे उन्होंने बताया कि कुल दस हाथी इस क्षेत्र में विचरण कर रहे है। हाथी दो दल में बंटे हुए है। एक में नौ हाथी का दल है और दूसरे में एक लोनर हाथी शामिल है। आमजन से यहीं अपील है कि शाम ढलते ही जंगल की ओर न जाए और हो सके तो बच्चे और बूढ़े को पक्के मकान में ही रखें।

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